ई-गवर्नेंस में कंप्यूटर का उपयोग | Use Of Computer In e-governance in Hindi - TadkaBright.Com

TadkaBright || आज पूरी दुनिया में सरकारी प्रभावी ई-गवर्नेस का एक बेहतर तंत्र बनाने में कंप्यूटर का उपयोग ले रही हैं। ई-गवर्नेस सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का यूज करके सरकारी सेवाओं को डिलीवर करना‚ सूचना संचार लेनदेन का आदान-प्रदान‚विभिन्न स्टैंड एलोन प्राणलियो और सेवाओं के एकीकरण‚सरकार से नागरिकों (G2C)‚ बिजनेस (G2B)‚ सरकार के कर्मचारी (G2E)‚ सरकार से सरकार (G2G)‚ के साथ ही पूरे सरकारी तंत्र के अंदर इंटरेक्संन का प्रोसेस कहलाता है। ई-गवर्नेस के माध्यम से सरकार एक कुशल‚ जवाबदेह‚तेजी से और पारदर्शी। तरीके से सरकारी सेवाएं नागरिकों को देने की पेशकश कर रहे हैं।
 


ई-गवर्नेंस  में कंप्यूटर का उपयोग | Use Of Computer In e-governance

use of computer in e governance in hindi
 
तकनीकी प्रगति‚कंप्यूटरीकरण‚इंटरनेट‚कनेक्टिविटी उपलब्धता की वजह से हाल के वर्षों में‚ भारत में केंद्र और राज्य सरकारों ने बड़े स्टार पर ई-गवर्नेस के प्रोजेक्ट शुरू किए।

निम्न कुछ उदाहरण भारत मैं विभिन्न ई-गवर्नेस की पहल को दर्शाते हैं:

गवर्नमेंट टू सिटीजन (G2C) | Government To Citizen

➤ रेलवे पूछताछ और आरक्षण प्रणाली आईआरसीटीसी (Indian Railway Catering And Tourism Corporation) ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी है और अपने यात्रियों के लिए सबसे अधिक जटिल प्रणालियों में से एक ऑनलाइन आरक्षण डिजाइन कर लागू किया गया है। आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से उपयोगकर्ता यात्रा की योजना‚ टिकट रद्द करने और एसएमएस और ईमेल पर नियमित रूप से अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।

➤ पासपोर्ट सेवा परियोजना (https://www.passportindia.gov.in/) भारतीय नागरिकों के लिए सबसे अच्छा अनुभव प्रदान करने के लिए भारत में पासपोर्ट और संबंधित सेवाओं को बदला गया है। इससे भारत सरकार यह एक विश्वसनीय सुविधाजनक और पारदर्शी तरीके और परिभाषित सेवा स्तर के भीतर पासपोर्ट सेवा देने के लिए सक्षम है।

➤ आधार कार्ड (https://uidai.gov.in/) 'आधार' भारत के निवासियों के लिए जारी किया गया एक विशिष्ट पहचान अंक(यूआईडीएआई) से यूआईडीएआई‚ Biometrics जनसांख्यिकी युक्त निवासियों और अन्य डाटा के लिए एक डेटाबेस को बनाए रखता है भारत में केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभाग नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए आधार कार्ड का उपयोग कर रहे हैं सरकार नरेगा‚सामाजिक सुरक्षा पेशन आदि केंद्र या राज्य सरकार निकायो के  हकों के सवितरण की सुविधा के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग कर रही है।
 
➤ राजस्थान में ई-मित्र (http://emitra.rajasthan.gov.in/) शहर और गांव में ई-मित्र किओस्क के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाओं को राज्य सरकार के नागरिकों को प्रदान करने एकीकृत परियोजना है। यह एक बहुत सफल परियोजना है जिसने सरकारी सेवाओं को प्राप्त करने के साधन को गांव गांव में पहुंचा दिया है।

इसके अलावा‚ ई-गवर्नेस को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस)‚नागरिकों के स्थानीय निकायों और नगर पालिकाओं मैं सेवाएं प्रदान करने में‚क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) मैं‚पंचायतों और जिलों के आधुनिकीकरण में‚शिक्षा और विशेष रूप से स्कूलों में स्वास्थ्य सेवा में‚कॉलेजों‚स्कूल बाग अस्पतालों द्वारा सेवाएं प्रदान करने में‚राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम में‚हर भारतीय के लिए डिजिटल क्लाउड के सेवा प्रदान करने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
 

 

गवर्नमेंट टू बिजनेस (G2B) | Government To Business

ई- प्रोक्योरमेंट: केंद्र और कई राज्य सरकारों ने प्रोक्योरमेंट प्रणाली के माध्यम से खरीद शुरू कर दी है। यह ना केवल सभी हिट धारकों के लिए लागत कम कर देता है बल्कि इसके अलावा‚पारदर्शी और जवाबदेह कुशल सेवाएं भी प्रदान का प्रयास करता है

कॉरपोरेटर मामलों के मंत्रालय:इस परियोजना का उद्देश्य कंपनियों के लिए रजिस्ट्री से संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन करना है। इसे कारपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा बनाया गया है।
 

ई-गवर्नेंस के क्षेत्र के अलावा भी कही जगह कंप्यूटर का उपयोग होता है जो निम्न प्रकार निचे दिए गए है अगर हम इस आर्टिकल में सभी क्षेत्र बताएँगे तो ये बहुत बड़ा हो जायेगा और आप इसे पड़ते पड़ते बोर हो जाओगे इस्सलिये अब अन्य क्षेत्रों को अलग अलग आर्टिकल में बताया है -

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Written & Posted By - Manish Kumar Gangotri | TadkaBright.Com
 

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